सेमिनार के आयोजन में 'देशभक्ति' या 'देशविरोधी' नारे बाजी कहा से आ गयी साहेब...
सैमिनार शुद्ध आकादमिक एक्टिविटी है????
आखिर देश विरोधी नारा कौन लगाा रहा था??????
और क्या इस देश की कानून व्यवस्था से छद्म राष्ट्रभक्तों का विश्वास इतना ख़्तम हो चुका है कि कानून अपने हाथ में ले ले...
संघ और बीजेपी के खिलाफ बोलने वालों कि जुबान बंद कर दे..
हमारी बाते कुछ कपटी-राष्ट्रभक्तों सैंसलैस लग रही है..
पर सैंसफुल काम तो शांतिपूर्ण तरिके से चल रहे सेमिनार में पत्थरबाजी करना है..
गुरमेहर ने विरोध किया तो उसे मारने और रेप की धमकी...बाद में अपने को ठीक साबित करने के लिए उसके एक साल पहले की पोस्ट ढुंढ कर लाना जिसमें उसने युद्ध का विरोध किया था उसके आधार पर उसे राष्ट्रद्रोही सिद्ध करना पर ..…
एक बार को आपकी बात को तवज़ों देते हुए हम मान भी ले कि वह राष्ट्रद्रोही है भी उसे रेप/बलात्कार की धमकी देना कहा तक सही है..क्या राष्ट्रप्रेमी को राष्ट्रद्रोही से बलात्कार करने की छुट इस देश का कानून देता है...और नहीं तो धमकी देने वाला अब तक छुट्टा कैसे घुम रहा है...????
यदि कोई 'राष्ट्रप्रेमी' हमें समझा सके तो उसकी अथाः कृपा होगी...
हमने बीजेपी सरकारों के काल के घोटालो के आरोप वाली पोस्ट और बीजेपी के आईएस के लिंक वाली पोस्ट व्टसएप पर जारी जारी की तो हमें धमकी मिली.. अर्थात पूरे देश को गोधरा समझ लिया है. जो बीजेपी के खिलाफ बोलेगा वह राष्ट्रद्रोही और उसे धमकाया जा सकता है, मारा जा सकता है, रेप किया जा सकता है, जलाया जा सकता है,,,,.इनकी सिनाजोरी सैंसफुल हमारा कॉमेंट नोनसैंस होता है...
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