मार्क्सवाद कम्युनिजम के नाम कोई एक नहीं सैकड़ों संगठन और संस्था है..अनेकों स्वतंत्र चिंतक जिनका किसी संगठन से कोई लेना देना नहीं है... मार्क्सवाद जिसे हम वैज्ञानिक द्वंधात्मक भौतिकतादी नजरिया/पैराडाईम भी कह सकते है... इस नजरिए से हम वर्गीय हीत के आधार पर दुनिया को देखते है..पैराडाईम... एक संपत्तिवान और उसके चाटुकारों के वर्गीय आर्थिक हीत संपत्तिहीन वर्ग के हीतों से भिन्न है...संपत्ति मजदूर बनाता है और उसपर अधिकार संपत्तिवान कर बैठ जाता है...मेरे और कई संगठनों की खुद की वैचारिक सहमति माओवादी तरिके से नहीं..कई कम्युनिस्ट संगठन तो सीपीआई और सीपीआईएम को कम्युनिस्ट भी नहीं मानते...क्रमशः
इस मामूली सेज्ञान के साथ...
आपका साथी
अश्विनीकुमार 'सुकरात' जनचेतना-अभियान (भगतसिंहवादी)
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